हर बंडल दिखे, हर ऑपरेटर की मजदूरी सही बने
भारतीय गारमेंट फैक्ट्री के लिए QR आधारित प्रोडक्शन ट्रैकिंग — तिरुपुर, बेंगलुरु, सूरत, लुधियाना और NCR के लिए। ऑपरेटर बंडल स्कैन करता है, और प्रोडक्शन, मजदूरी तथा WIP अपने आप हिसाब हो जाते हैं।
30 मशीन की फैक्ट्री: ₹5,760/माह · कोई सेटअप फीस नहीं · 2 हफ्ते में चालू · ऑपरेटर के अपने एंड्रॉयड फोन से शुरुआत
गारमेंट ERP सॉफ्टवेयर क्या है?
गारमेंट ERP सॉफ्टवेयर कपड़ा फैक्ट्री की कटिंग से डिस्पैच तक की पूरी प्रोडक्शन एक जगह ट्रैक करता है। Scan ERP हर बंडल पर एक QR कोड लगाता है; ऑपरेटर काम पूरा करके स्कैन करता है, और प्रोडक्शन, पीस रेट मजदूरी तथा WIP अपने आप बन जाते हैं।
भारत दुनिया के सबसे बड़े कपड़ा उत्पादकों में है, और तिरुपुर की निटवियर यूनिट से लेकर लुधियाना की होजरी और सूरत के फैब्रिक क्लस्टर तक, ज्यादातर फैक्ट्रियों में बंडल का हिसाब आज भी कागज के पर्चे और रजिस्टर पर चलता है। इससे रोज तीन दिक्कतें बनती हैं: मजदूरी पर बहस, WIP कहाँ अटका है यह पता न होना, और लाइन एफिशिएंसी दिन खत्म होने पर पता चलना — जब कुछ करने का समय नहीं बचता।
हर फैक्ट्री में आने वाली तीन बड़ी दिक्कतें
मजदूरी पर बहस
ऑपरेटर कहता है 120 पीस किए, रजिस्टर में 95 लिखा है। कागज का पर्चा खो जाए तो कोई सबूत नहीं बचता। हर महीने यह हिसाब मिलाने में अकाउंट्स के 2–3 दिन लग जाते हैं।
WIP कहाँ अटका है, पता नहीं
किसी लॉट के कितने पीस किस ऑपरेशन पर रुके हैं, यह जानने के लिए फ्लोर पर जाकर गिनना पड़ता है। तब तक डिलीवरी की तारीख और पास आ जाती है।
एफिशिएंसी देर से पता चलती है
कौन सी लाइन पिछड़ी, यह शाम को पता चले तो उस दिन का प्रोडक्शन वापस नहीं आता। रियल-टाइम डेटा न हो तो फैसला लेने का मौका ही नहीं मिलता।
बंडल ट्रैकिंग कैसे काम करती है?
कटिंग सेक्शन में हर बंडल पर एक अलग QR कोड छपता है जिसमें लॉट, आर्टिकल, कलर, साइज और कंपोनेंट रहता है। हर ऑपरेशन पर ऑपरेटर उसे स्कैन करता है, और सिस्टम खुद प्रोडक्शन तथा मजदूरी का हिसाब बना देता है।
- कटिंग: लॉट और साइज के हिसाब से बंडल बनते हैं, हर बंडल पर QR लेबल छपता है।
- सिलाई लाइन: ऑपरेटर काम शुरू और खत्म करते समय बंडल स्कैन करता है — फोन से या लाइन पर लगे स्कैनर से।
- अपने आप हिसाब: पीस × रेट से मजदूरी उसी समय बन जाती है; ऑपरेटर अपनी कमाई अपने फोन पर देखता है।
- सुपरवाइजर डैशबोर्ड: किस लाइन पर कितना WIP, कौन पिछड़ा — फ्लोर की टीवी पर रियल-टाइम।
- महीने के आखिर में: पेमेंट शीट स्कैन डेटा से ही बनती है — मिलाने का काम नहीं बचता।
भारतीय प्रोडक्शन के लिए बनी सुविधाएँ
QR बंडल ट्रैकिंग
हर बंडल का अलग कोड — लॉट, आर्टिकल, कलर, साइज, कंपोनेंट सब एक कोड में।
अपने आप पीस रेट मजदूरी
पीस × रेट का हिसाब सिस्टम करता है। ऑपरेटर अपनी कमाई देखता है, इसलिए बहस घटती है।
रियल-टाइम WIP
किस ऑपरेशन पर कितने पीस रुके हैं — फ्लोर पर जाए बिना डैशबोर्ड पर दिखता है।
सिलाई लाइन एफिशिएंसी
लाइन और ऑपरेटर के हिसाब से एफिशिएंसी, SMV आधारित लक्ष्य से तुलना।
क्वालिटी और DHU
डिफेक्ट किस ऑपरेशन और किस ऑपरेटर पर बना, यह पकड़ में आता है।
बायोमेट्रिक हाजिरी
ZKTeco मशीन से हाजिरी सीधे सिस्टम में — ओवरटाइम के घंटों सहित।
भारत में गारमेंट ERP सॉफ्टवेयर की कीमत कितनी है?
दो तरीके, और जो कम बने वही आप देते हैं: ₹385 प्रति मशीन प्रति माह, या ट्रैक किए गए प्रति पीस ₹0.48। कोई सेटअप फीस नहीं, प्रति यूजर चार्ज नहीं।
| फैक्ट्री का आकार | महीने का प्रोडक्शन | मशीन वाला हिसाब | पीस वाला हिसाब | आपका बिल |
|---|---|---|---|---|
| 30 मशीन | 12,000 पीस | ₹11,550 | ₹5,760 | ₹5,760 |
| 100 मशीन | 80,000 पीस | ₹38,400 | ₹38,400 | ₹38,400 |
| 500 मशीन | 5,00,000+ पीस | ₹1,92,500 | ज्यादा | ₹1,92,500 |
प्रति मशीन 800 पीस प्रति माह दोनों तरीकों का बराबरी बिंदु है। उससे कम प्रोडक्शन पर पीस वाला हिसाब सस्ता पड़ता है; उससे ज्यादा पर मशीन वाला हिसाब आपका बिल सीमित रखता है — यानी प्रोडक्शन बढ़ने पर बिल बेहिसाब नहीं बढ़ता।
हार्डवेयर जरूरी नहीं। ऑपरेटर के अपने एंड्रॉयड फोन से शुरू करें; बाद में चाहें तो Raspberry Pi कैश सर्वर, ZKTeco हाजिरी मशीन, QR लेबल प्रिंटर और फ्लोर टीवी जोड़ें — ये हमसे या किसी भी वेंडर से खरीदे जा सकते हैं।
आम सवाल
क्या यह Tally के साथ चलेगा?
हाँ। महीने के आखिर की पेमेंट शीट एक्सपोर्ट करके आपके Tally या पेरोल सिस्टम में ले जाई जा सकती है। Scan ERP प्रोडक्शन और मजदूरी का हिसाब रखता है — यह आपका पूरा अकाउंटिंग सिस्टम नहीं बदलता।
इंटरनेट बंद होने पर काम रुक जाएगा?
नहीं। फैक्ट्री के अंदर एक Raspberry Pi लोकल कैश सर्वर रहता है, इसलिए इंटरनेट लाइन कटने पर भी LAN/WiFi पर स्कैन चलता रहता है और कनेक्शन लौटने पर डेटा सिंक हो जाता है। साफ कहना जरूरी है — यह पूरी तरह ऑफलाइन-फर्स्ट सिस्टम नहीं है; फैक्ट्री का WiFi नेटवर्क चालू रहना चाहिए।
चालू होने में कितना समय लगता है?
आम तौर पर 2 हफ्ते। पहले हफ्ते में स्टाइल, ऑपरेशन और रेट डाले जाते हैं और सुपरवाइजर को ट्रेनिंग दी जाती है। दूसरे हफ्ते एक लाइन पर पायलट चलाकर बाकी लाइनों पर फैलाया जाता है।
जो ऑपरेटर स्मार्टफोन के आदी नहीं, वे चला पाएंगे?
स्कैन करने के लिए एक ही बटन है — कैमरा बंडल के QR की तरफ करना होता है। ऑपरेटर की स्क्रीन पर सिर्फ उसका अपना काम और कमाई दिखती है। जहाँ फ्लोर पर निजी फोन की इजाजत नहीं, वहाँ लाइन पर साझा स्कैनर लगाया जा सकता है।
जॉब वर्क और CMT काम के लिए ठीक है?
हाँ — यही इसका मुख्य काम है। Scan ERP एक चालू CMT फैक्ट्री में बनाया गया है, इसलिए कट-मेक-ट्रिम का काम, हर ऑपरेशन का अलग रेट और बाहर दिया गया जॉब वर्क इसका बुनियादी मॉडल है, कोई अलग मॉड्यूल नहीं।
पुराने चल रहे लॉट कैसे डालेंगे?
चल रहे लॉट अपनी मौजूदा ऑपरेशन स्थिति के साथ डाले जा सकते हैं, इसलिए बीच का काम नहीं टूटता। लेकिन व्यवहार में सबसे आसान यही रहता है कि एक नए लॉट से शुरू करें — तब कटिंग से ही पूरी ट्रैकिंग साफ चलती है।
मजदूरी की बहस बंद करके रियल-टाइम डेटा लेना चाहते हैं?
व्हाट्सऐप पर 20 मिनट का डेमो लें। अपना एक लॉट बताइए, और दिखा देंगे कि आपकी फैक्ट्री में बंडल, रेट और WIP कैसे दिखेंगे।